शाह अकबर के राज्य में अचानक से चोरियां होने लगी. दिन के उजाले में तो पुरे शहर में शांति और अमन का माहौल रहता लेकिन जब रात होती तो नगर में चोर अपने करतब दिखा जाते और सुबह कहीं न कहीं चोरी का मामला सामने आ जाता. शहर के सभी बड़े व्यापारी और सेठों ने चोरी की ये शिकायत जब शाह अकबर को कही तो उन्होंने रात को चौकीदारी के लिए नियुक्त किए गए सिपाहीओं को दरबार में बुलाया और उन सभी को सजा के रूप में अपने पद से निलंबित कर दिया.
साथ ही उन्होंने चोरी की शिकायत करने आए सभी बड़े व्यापारी और सेठों को ये आदेश किया की अब से नगर में चौकीदारी की जिम्मेदारी सभी सेठ और व्यापारी लोग खुद करेंगे और रात को गश्त भी लगाएंगे.
अब सभी व्यापारी और सेठ भी बुरे फंसे और आपस में कहने लगे की ये कैसा न्याय हुआ हम अपनी चोरी की शिकायत लेकर आए थे और शाह अकबर खुद हमें चौकीदार बना रहे है.
चूँकि शाह अकबर का आदेश था इसलिए उस वक्त किसी भी सेठ की ये हिम्मत न हुई की अकबर के आदेश के सामने अपनी बात रखें. उस वक्त तो सभी व्यापारी और सेठ वहां से चले गए.
लेकिन उन्हें मालूम था की यदि बीरबल इस मामले में हस्तक्षेप करे तो उन्हें सही न्याय मिल सकता है. आख़िरकार सभी व्यापारी और सेठ बीरबल के घर जा पहुंचे और उन्हें अपना किस्सा और शाह अकबर का अजब फरमान सुनाया.
बीरबल ने उनकी बात सुनकर कहा, " ठीक है, तुम्हे आज की रात के लिए तो नगर में गश्त के लिए निकलना पड़ेगा लेकिन उस वक्त तुम सभी अपनी पगड़ियां अपने पैरो पर बांध लेना और और अपने कुर्ते माथे पर ढँक लेना, और ये चिल्लाते हुए निकलना की अब तो आन पड़ी है ... "
सभी सेठ व्यापारी ने इसी तरह का काम करने के लिए हामी भरी और उसी रात वैसा ही वेश धारण करते हुए नगर में निकले. और साथ में चिल्ला चिल्ला कर ये भी कहते जाते थे की ".. अब तो आन पड़ी है ......"
उस रात शाह अकबर भी वेश बदलकर नगर में निकले और व्यापारिओं और सेठों का ये अजब गजब हुलिया देखकर उनसे पूछा की ये क्या है.
बीरबल के मार्गदर्शन के मुताबिक व्यापारिओं को पता चल गया की ये शाह अकबर ही है और उन्होंने शाह अकबर से कहा की, " जहाँपनाह, उस वक्त तो आपसे कहने की हमारी हिम्मत न हुई, परंतु वास्तव में हम व्यापारी लोग बचपन से ही व्यापार करना जानते है चौकीदारी करना हमारा काम नहीं है इसलिए आपको ये जताने के लिए हमने ये हुलिया बनाया है. "
वहीँ छुपकर ये देख रहे बीरबल भी सामने आए और शाह अकबर से कहने लगे की ये लोग चौकीदारी का काम नहीं कर सकते बल्कि आप अपना आदेश वापिस ले लें तो मैं शहर में होने वाली चोरियों के बारे में बेहतर हल जनता हूँ. "
शाह अकबर हंस पड़े और अपना आदेश वापिस ले लिया और बीरबल की सलाह के मुताबिक रात को पहले से तीन गुना ज्यादा सिपाहियों को रात में चौकीदारी करने के लिए नियुक्त किया. इस उपाय से अगले दिन से ही राज्य में चोरी के मामले बंद हो गए.

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