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Tuesday, August 4, 2020

हंसी के कुरकुरे, वो भी मसालेदार - (पार्ट-5)

जिंदगी में हंसना भी जरुरी है. और हंसी अगर अंदर से आए तो सच्ची हसीं है. हा .. हा .. हा ... से दहाड़े मारकर हंसने लगेंगे तो लोग पागल कहेंगे. तो चखिए ये रहे कुछ हंसी के कुरकुरे.. वो भी मसालेदार...

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सुरेश टकले के सिर पर अब सिर्फ 10 - 15 बाल ही बचे थे. एक दिन वो हजाम की दुकान पर गया. 

हजाम : इन बालों का मैं क्या करू ? काटूं या  गिनूँ ?

सुरेश टकला : इसे कलर करना है.

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एक महिला ने अपनी सहेली और उसके पति को डिनर के लिए घर बुलाया. डिनर करने के बाद सहेली के पति से बात करते हुए. 

महिला : मेरे पति एकदम पागल है, उसको जो भी कहो दूसरे कान से बाहर निकाल देते है. 

सहेली का पति : ये तो अच्छा है, मेरी पत्नी दोनों कानों से सुनती है और मुंह से निकाल देती है. 

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एक साहब अपनी पत्नी की जिद पर उसका चित्र बनवाने के लिए चित्रकार के पास गए. 

आदमी : ये फोटो देखो, इसमें मेरी पत्नी है तुम्हे बिलकुल ऐसा ही एक चित्र बनाना है. 

चित्रकार : जी साहब, मैं इतना सुंदर चित्र बना दूंगा की चित्र में भी आपकी पत्नी बोलने लगेगी. 

आदमी : अरे नहीं भाई,  ऐसा चित्र मत बनाना, घर पे एक भी संभल नहीं रही और तुम दूसरी गले बांध रहे हो. 

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पत्नी : आप हमेशा अपने पॉकेट में मेरी फोटो लेकर ऑफिस क्यों जाते हो ? 

पति : जब भी मुझे कोई परेशानी और मुश्किल होती है तो मैं तुम्हारा फोटो निकाल के देख लेता हूँ.

पत्नी : क्या सच में ? मेरी फोटो तुम्हे इतनी हिंमत और प्रेरणा मिलती है. 

पति : हाँ, तुम्हारी फोटो देखकर मैं ये सोचता हूँ की इससे बड़ी मुसीबत तो कोई हो ही नहीं सकती. 

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सेठ : रामु, मैंने तुम्हे ये पार्सल सुरेश भाई के घर दे आने के लिए बोला था, लेकिन ये पार्सल अभी तक यहीं पड़ा है ?

रामु : सेठ जी, मैं सुरेश भाई के घर गया था पर सुरेश भाई शायद घर में नहीं थे, क्योंकि घर के बाहर लिखा था " सावधान अंदर कुत्ता है. "

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