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Tuesday, August 4, 2020

हंसी के कुरकुरे, वो भी मसालेदार - (पार्ट-6)

जिंदगी में हंसना भी जरुरी है. और हंसी अगर अंदर से आए तो सच्ची हसीं है. हा .. हा .. हा ... से दहाड़े मारकर हंसने लगेंगे तो लोग पागल कहेंगे. तो चखिए ये रहे कुछ हंसी के कुरकुरे.. वो भी मसालेदार...

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पत्नी : सच सच बताना, अगर मेरे बाल सफ़ेद हो जाए तब भी क्या आप मुझे ऐसे ही प्रेम करेंगे ?

पति : अब तक तुम कितनी बार अपने बालों में रंग कर चुकी हो, क्या फिर भी मैंने तुम्हे प्रेम करना छोड़ा है ?

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चिंटू स्कुल से जल्दी घर आ गया. इस पर उसकी मम्मी ने उससे पूछा.

मम्मी : चिंटू, तुम स्कुल से इतना जल्दी क्यों आ गए ? 

चिंटू : मैंने राजू को मारा इसलिए टीचर ने मुझे क्लास से निकाल दिया.

मम्मी : लेकिन तुमने राजू को क्यों मारा ?

चिंटू : स्कुल से जल्दी घर आने के लिए 

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सुरेश : यार रमेश, शादी के बाद का जीवन कैसा होता है ?

रमेश : शादी के पहले साल तक पति बोलता है और पत्नी सुनती है, शादी के दूसरे साल पत्नी बोलती है और पति सुनता है और शादी के तीसरे साल दोनों बोलते है और महोल्ले वाले सुनते है. 

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सुरेश की भैंस बीमार पद गई इसलिए वो दौड़ते हुए रमेश के पास गया 

सुरेश : जल्दी से बताओ, मेरी भैंस बीमार पड़ गई है अब मैं क्या करूँ ?

रमेश : क्या तूने उसे केरोसिन पिलाया था ? (सुरेश ने इतना सुनते ही घर दौड़कर भैस को केरोसिन पीला दिया)

सुरेश : (अगले दिन) रमेश, मेरी भैंस तो मर गई 

रमेश : यही तो, मैं तुजे कल ये ही कह रहा था की केरोसिन पिलाने से मेरी भैंस भी मर गई थी. 

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सुरेश की पत्नी उसकी हर बात का विरोध करती थी. 

सुरेश : तुम कभी मेरी किसी भी बात से सहमत नहीं होती, क्या में पागल हूँ ?

पत्नी : चलिए इस बात पर मैं सहमत हूँ बस. 

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