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Monday, August 10, 2020

हंसी के कुरकुरे, वो भी मसालेदार - (पार्ट-8)

 जिंदगी में हंसना भी जरुरी है. और हंसी अगर अंदर से आए तो सच्ची हसीं है. हा .. हा .. हा ... से दहाड़े मारकर हंसने लगेंगे तो लोग पागल कहेंगे. तो चखिए ये रहे कुछ हंसी के कुरकुरे.. वो भी मसालेदार...


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मम्मी : चिंटू तू अपने ख़राब दोस्तों के साथ मत खेला कर, सिर्फ अच्छे बच्चो के साथ ही खेलना. 

चिंटू : लेकिन अच्छे बच्चों की मम्मी उसके बच्चों को मेरे साथ खेलने नहीं देती. 


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सुरेश के चप्पल कई बार रिपेयर हो चुके थे और एक बार फिर से टूट गए तो उसे सिलाने के लिए सुरेश चमार के पास गया.

सुरेश : ये चप्पल टूट गई है, जरा सील दीजिए 

चमार : ये चप्पल कई बार सील चुकी है अब मैं इसे नहीं सील सकता 

सुरेश : अरे दोस्त, कोशिश तो करो, नेपोलियन ने कहा था दुनिया में कोई चीज असंभव नहीं

चमार : तो ये चप्पल उन्ही से सिला लो.


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सुरेश की सगाई होने वाली थी और वो उसकी होने वाली पत्नी को कोई अच्छा सा गिफ्ट देना चाहता था.

सुरेश : यार रमेश, मुझे कोई आइडिया दो की मुझे तेरी होने वाली भाभी को क्या गिफ्ट देना चाहिए ?

रमेश : ऐसा करो तुम एक अच्छी से गोल्ड रिंग गिफ्ट कर दो.

सुरेश : ऐसा नहीं यार कुछ बड़ा वाला गिफ्ट देना है 

रमेश : MRF का टायर दे दो. 


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रमेश की पत्नी ने चार साडी खरीदी उससे सुरेश की पत्नी को इर्षा हुई और उसने तुरंत सुरेश को फोन किया.

सुरेश की पत्नी : हमारे पडोशी की पत्नी आज बाजार से चार साडी खरीद लाई

सुरेश : तो क्या हुआ तुम आठ साडी खरीद लो और उसे दिखा दो, और हाँ, साडी मुन्ना साडी सेंटर की दुकान से ही लेना वो मेरा दोस्त है इसलिए तुम जब अपनी सहेली को साडी दिखा दोगी तो अगले दिन उसे साडी वापस कर देना. 


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रमेश : लगता है मेरी नजर कमजोर हो रही है, सोच रहा हूँ अपना चश्मा निकलवा लूँ

रमेश की पत्नी : रहने दीजिए, पुरे मोहल्ले में मुझसे जयादा खूबसूरत कोई नहीं है. 


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