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Monday, August 3, 2020

हंसी के कुरकुरे, वो भी मसालेदार - (पार्ट-2)

जिंदगी में हंसना भी जरुरी है. और हंसी अगर अंदर से आए तो सच्ची हसीं है. हा .. हा .. हा ... से दहाड़े मारकर हंसने लगेंगे तो लोग पागल कहेंगे. तो चखिए ये रहे कुछ हंसी के कुरकुरे.. वो भी मसालेदार...

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बंता ने नया क्लिनिक खोला और पहले ही दिन एक मरीज आया. 

मरीज : डॉक्टर साहब, मुझे रोज सुबह उठते ही 20 मिनट तक कान में दर्द होता है.

संता : ऐसा करें आप रोज 20 मिनिट देरी से उठिए. 

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बस में एक महिला अपने बच्चे के साथ बैठी थी. एक अन्य यात्री बस में चढ़ा और कंडक्टर से कहा

यात्री : " एक लाल किल्ला दीजिए, ये लीजिए बीस रूपये "

बच्चा : देखिए मम्मी, इतना बड़ा लाल किल्ला इस भाई साहब ने बीस रूपये में बेच दिया.

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एक शराबी देर रात घर आया और बीवी की खिटपिट से बचने के लिए एक बड़ी किताब खोल कर उसे देखने लगा.

बीवी : आज फिर से पी कर आये हो ना ?

पति : नहीं, आज नहीं पी है 

बीवी : तो ये सूटकेस खोल कर क्यों बैठ गए हो ?

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सुरेश को प्लास्टिक सर्जरी करवाने का मन हो गया और वो अस्पताल पहुँच गया.

सुरेश : डाक्टर साहब, मुझे प्लास्टिक सर्जरी करवानी है, इसमें कितना खर्चा होगा ?

डॉक्टर : पांच लाख रूपये 

सुरेश : और अगर मैं प्लास्टिक अपने घर से ले कर आऊं तो ..?

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शादी के तीन साल होने पर सुरेश अपनी पत्नी से..

सुरेश : आज हमारी शादी को तीन साल हो गए है, तुम बताओ हम कहाँ घूमने चले ? 

पत्नी : मुझे ऐसी जगह ले चलिए जहाँ मैं पहले कभी नहीं गई 

सुरेश : तो शम्सान चलते है. 

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सुरेश के बेटा एक्ज़ाम में फेल हुआ. उसका रिपोर्ट कार्ड देखते हुएअपने बेटे से ..

सुरेश : तुम्हे शर्म नहीं आती इतने कम मार्क्स लाए हो 

बेटा : इसमें मेरी गलती नहीं है पापा, मेरे बगल वाले लड़के को ही कुछ नहीं आता था.

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नई नवेली बहु और उसकी सास खाना खाने बैठी थी. 

बहु : सासुजी, छाछ के ऊपर का मक्खन मैं ले लूँ ? 

सासुजी : ऐसा मत बोल, तुम्हारे ससुर का नाम मक्खन लाल है 

बहु : अच्छा सासुजी, छाछ में तैर रहे ससुरजी के ले लूँ ?
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